आरती मंगलकारी की पवनसुत अति बलधारी की लिरिक्स
आरती मंगलकारी की, पवनसुत अति बलधारी की।। तर्ज - आरती कुञ्ज बिहारी की। गले में तुलसी की माला, बजावें मृदंग ...
Read moreDetailsआरती मंगलकारी की, पवनसुत अति बलधारी की।। तर्ज - आरती कुञ्ज बिहारी की। गले में तुलसी की माला, बजावें मृदंग ...
Read moreDetailsकृष्ण है विस्तार यदि तो, सार है राधा, कृष्ण की हर बात का, आधार है राधा, राधा बिना कृष्ण नहीं, ...
Read moreDetailsतुम प्रेम हो तुम प्रीत हो, मेरी बांसुरी का गीत हो, तुम प्रेम हों तुम प्रीत हों, मनमीत हो राधे, ...
Read moreDetailsलाल देह और लाल है चोला, मुखड़ा भोला भाला, ऐसे बजरंग बाला होss, माँ अंजनी का लाला, शीश मुकुट है ...
Read moreDetailsझूठी काया में डोले, झूठी माया में डोले, काहे माने ना जिया, काहे माने ना जिया।। ये तो पांच तत्व ...
Read moreDetailsआवरा में घणी मोटी धाम मैया जी, आवरा मे घणी मोटी धाम मैया जी, सात भाया रे बीच बेनड लाडली, ...
Read moreDetailsलिखमोजी माला फेरी है, अमरपुरा रे माई। दोहा - शिरोमणी संत भगत लिखमोजी, ज्यारी महिमा अपार, गावे बजावे सुने साम्भले, ...
Read moreDetailsधिन धिन धाम अमरपुरोजी, दोहा - धिन धोरां धिन नागाणा, धिन संता रो देश, धिन लिखमोजी धाम बनायो, अमरपुरो ऋषिकेश। ...
Read moreDetailsश्रीनाथ बनके दीनानाथ बनके, चले आना प्रभुजी चले आना।। तर्ज - कभी राम बनके कभी। तुम बालकृष्ण रूप में आना, ...
Read moreDetailsभोले भोले दानी, तू दयालु तू कृपालु, तेरा नाम लेके सोऊँ, तेरा नाम लेके जागूँ, भोलें भोले दानी।। तर्ज - ...
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