फागण का महीना चलो बाबा के द्वार भजन लिरिक्स
फागण का महीना, चलो बाबा के द्वार, जो जाएगा हो जाएगा, उसका बेडा पार।। तर्ज - सावन का महीना। एक ...
Read moreDetailsफागण का महीना, चलो बाबा के द्वार, जो जाएगा हो जाएगा, उसका बेडा पार।। तर्ज - सावन का महीना। एक ...
Read moreDetailsजो भी आया हार के दर पे, तार दिया, तू भी आ के तो देख, बड़ा प्यारा है सांवरिया, तू ...
Read moreDetailsजय श्री श्याम जय मोरवीनंदन, श्लोक - मोरवीनंदनम वन्दे, वन्दे श्रीकृष्ण रूपिणम, शीशदानिम सदा वन्दे, पाप ताप निवारिणम। जय श्री ...
Read moreDetailsश्याम मुझे नौकर रखलो, अपने ही द्वारे का, सदा अब बनके रहूँगा, मैं चाकर प्यारे का, श्याम मुझे नौकर रखलों, ...
Read moreDetailsये फागुन रुत है सुहानी, चली आ राधा रानी, खेलेंगे होली हम साथ में, रंगों से रंगीन देखो, सारे नजारे ...
Read moreDetailsयह मस्त महीना फागुन का, श्रृंगार बना घर आंगन का, इस रंग का यारों क्या कहना, यह रंग है होली ...
Read moreDetailsदूल्हा बना है भोला, उज्जैन की नगरी में।। दोहा - उज्जैन की हर गली गली, दुल्हन की तरह से सजती ...
Read moreDetailsराम रमैया कृष्ण कन्हैया, भजले राम रमैया, कृष्ण कन्हैया, भजले राम रमैया, भजले कृष्ण कन्हैया, पार लगे तेरी नैया, भजले ...
Read moreDetailsमैं भानु लली की दया चाहता हूँ, अटारी की ताजी हवा चाहता हूँ, भटकता रहा हूँ मैं दुनिया के दर ...
Read moreDetailsभज भगवान भूले मत प्राणी, दोहा - मानुष तन दियो थने, भोंदू भजले पीव, बैठो क्यू संगराम कहे, अब उंडी ...
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