काहे ना इतराउ मैं,
मुझे खाटू मिला है,
खाटू मिला है,
सांवरिया मिला है,
काहे ना इतराउ मैं,
मुझें खाटू मिला है।।
हारे का सहारा तुझे,
कहती है दुनिया,
करता न भेद-भाव,
चाहे रंक हो या बनिया,
शीश तेरे दर झुकाऊं मै,
मुझें खाटू मिला है।।
कलयुग में तुमसा ना,
देव कोई दूजा,
घर-घर होती है,
श्याम तेरी पूजा,
जयकारा तेरा लगाऊँ मैं,
मुझें खाटू मिला है।।
‘शंकर’ की विनती है,
सुन ले कन्हैया,
पार तू कर दे नाव,
बनके खिवैया,
लायक तेरे बन जाऊँ मैं,
मुझें खाटू मिला है।।
काहे ना इतराउ मैं,
मुझे खाटू मिला है,
खाटू मिला है,
सांवरिया मिला है,
काहे ना इतराउ मैं,
मुझें खाटू मिला है।।
Singer & Lyrics – Shankar Yadav
7982956590
Music – Kumar Vaibhav JDS








