म्हाने गुरुजी मिलया जसनाथ गुरा सा री जय बोलो

जय बोलो रे थे जय बोलो,
म्हाने गुरुजी मिलया जसनाथ,
गुरा सा री जय बोलो।।



रमेश सारण तो महिमा गावे,

कतरियासर में दर्शन पावे,
रावत लेगा तो साथ निभावे,
म्हाने गुरुजी मिलिया जसनाथ,
गुरा सा री जय बोलो।।



धाम कतरियासर में,

जसनाथ जी आया,
1482 में जन्म धराया,
भक्तो रे कारण आप पधारया,
म्हाने गुरुजी मिलिया जसनाथ,
गुरा सा री जय बोलो।।



हमीर जी धणी तो,

पिताजी केवाया,
रूपादे जी माता लाड लडाया,
काळलदेजी संग में ब्याव रचायो,
म्हाने गुरुजी मिलिया जसनाथ,
गुरा सा री जय बोलो।।



36 नियमों री पालना रे पाळे,

अग्नि नृत्य में आप रे खेले,
नगारो री धाप संग शब्द सुनावे,
म्हाने गुरुजी मिलिया जसनाथ,
गुरा सा री जय बोलो।।



अरे धाम कतरियासर में,

मेलो रे लागे,
सिद्ध जसनाथ जी का,
दर्शन पावे,
सती रे माता रा दर्शन पावे,
म्हाने गुरुजी मिलिया जसनाथ,
गुरा सा री जय बोलो।।



रावताराम लेगा कानोट सुं आवे,

सती जसनाथ जी का,
भजन गवावे,
रमेश सारण तो भजन गावे,
म्हाने गुरुजी मिलिया जसनाथ,
गुरा सा री जय बोलो।।



जय बोलो रे थे जय बोलो,

म्हाने गुरुजी मिलया जसनाथ,
गुरा सा री जय बोलो।।

गायक / प्रेषक – लोकगायक रमेश सारण।
बाङमेर राजस्थान, 9571547445


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