दादी इतनी किरपा करिये दर पे आवता रवा भजन लिरिक्स
दादी इतनी किरपा करिये, दर पे आवता रवा, मैं तो थारे दरबार से, माँ मांगता रवा।। तर्ज - थारे सेठ ...
Read moreDetailsदादी इतनी किरपा करिये, दर पे आवता रवा, मैं तो थारे दरबार से, माँ मांगता रवा।। तर्ज - थारे सेठ ...
Read moreDetailsऐ मेरे श्याम तेरा प्रेमी, जग से हारा है, सुना है हारे का, बन जाता तू सहारा है, ऐं मेरे ...
Read moreDetailsतेरी इन मतवारी आँखों में, डले काजल के डोरे, अरे घनश्याम, मुखड़े पे चंदन की शोभा, मन को भा गई ...
Read moreDetailsसतगुरु देवा जी, सुण ल्यो म्हारी विनती, मैं दु:खी बड़ो बेहाल, पिलाओ ज्ञान जड़ी।। कर्म उपासना ओ, किया मैं बहु ...
Read moreDetailsम्हारी बाण माता धनियाणी, मोटो देवरो माँ, देवलिया में बोले मीठा मोर माँ, म्हारी अम्बे माँ धनियाणी, मोटो देवरो माँ।। ...
Read moreDetailsधार रे अवतार गुरु आविया, मेटी म्हारे दुखडा री खाण, दे उपदेश गुरू पार क्या भव से, हो पृगट बताई ...
Read moreDetailsमनमोहनी है छवि ये तुम्हारी, हटती नहीं है बाबा नजरें हमारी।। तर्ज - सागर किनारे। सिर पे मुकुट और कानों ...
Read moreDetailsकितनो का माझी है ये, कितनो के जीने का सहारा, खाटू का श्याम हमारा, भक्तो खाटू का श्याम हमारा।। तर्ज ...
Read moreDetailsमेरे लाड़लो मेरी किरपा जो चाहो, बुरी आदते सारी, बुरी आदते सारी मुझको दे जाओ, मेरे लाडलो मेरी किरपा जो ...
Read moreDetailsमाँगू क्या मैं, क्या नहीं तुमने दिया, सांवरे तूने नहीं झुकने दिया, माँगू क्या मैं, क्या नहीं तुमने दिया।। तर्ज ...
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