ऐ मेरे श्याम तेरा प्रेमी जग से हारा है भजन लिरिक्स

ऐ मेरे श्याम तेरा प्रेमी,
जग से हारा है,
सुना है हारे का,
बन जाता तू सहारा है,
ऐं मेरे श्याम तेरा प्रेमी,
जग से हारा है।।



भटक भटक के मैं इस जग से,

थक गया बाबा,
कदम कदम पे मुझे,
ठोकरों ने मारा है,
ऐं मेरे श्याम तेरा प्रेमी,
जग से हारा है।।



किसी ने देके पता,

तेरा मुझको भेजा है,
बताया सबने बड़ा,
सच्चा तेरा द्वारा है,
ऐं मेरे श्याम तेरा प्रेमी,
जग से हारा है।।



हर एक चहरे पे है,

मुस्कान यहाँ देखा है,
तुम्हारे खाटू का,
बाबा अजब नज़ारा है,
ऐं मेरे श्याम तेरा प्रेमी,
जग से हारा है।।



ना तोडना मेरी,

उम्मीदें मेरे श्याम धणी,
ये अपना जीवन,
‘कुंदन’ ने तुझपे वारा है,
ऐं मेरे श्याम तेरा प्रेमी,
जग से हारा है।।



ऐ मेरे श्याम तेरा प्रेमी,

जग से हारा है,
सुना है हारे का,
बन जाता तू सहारा है,
ऐं मेरे श्याम तेरा प्रेमी,
जग से हारा है।।

Singer – Mukesh Bagda


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