गजब रीत चली कलयुग में राम राम राम भजन लिरिक्स
गजब रीत चली कलयुग में, राम राम राम, गजब रीत चली।। जन्मदिन पर पूजा पाठ ना किया, कटबा दयै केक ...
Read moreDetailsगजब रीत चली कलयुग में, राम राम राम, गजब रीत चली।। जन्मदिन पर पूजा पाठ ना किया, कटबा दयै केक ...
Read moreDetailsकोई भक्त ना ऐसा होगा, जैसा पवनपुत्र हनुमान, जो चीर के छाती दिखलाकर, बोलेगा जय श्रीराम, जय श्रीराम जय श्रीराम, ...
Read moreDetailsसजा दो मन को मधुबन सा, मेरे गणराज आये है, लगे हर गुल भी गुलशन सा, मेरे गणराज आये है।। ...
Read moreDetailsझूलो झूलो री भवानी पालना, झूलो झूलो री भवानी झूलना।। माथे पे तोरे बिंदिया सजाऊँ, हाथो में तेरे कांगना, झूलो ...
Read moreDetailsपांच नाग पकड़ कर लाया, प्रकट खेल रचाया, हेली जोगी जग में आया।। सत री संगत महापुरुष की लाया, खीलन ...
Read moreDetailsतू सब जानता है, तुझे क्या बताएं, मैं जग से छुपा लूँ, मेरा हाल दिल ये, मगर तुमसे बाबा, छिपे ...
Read moreDetailsमेरे घर के देवता मेरे भगवान है, मेरे भगवान है, वही मेरी जिंदगी है वही मेरे प्राण है, मेरे घर ...
Read moreDetailsसवाली हूँ सवाली को ना धन चाहिए, ना धन चाहिए, गजानंद तुम्हारी शरण चाहिए, शरण चाहिए।। तर्ज - दीवाने है ...
Read moreDetailsजबसे शरण तेरी आई हूँ बाबा, क्या बतलाऊँ क्या पा गई बाबा, मौज में कटने लगी ज़िन्दगी, जबसे कृपा की ...
Read moreDetailsलाल ध्वजा लहराये रे, मैया तोरी ऊंची पहड़िया।। लोंग इलायची के बीड़ा लगाए, चम्पा चमेली के हार बनाये, लाल अनार ...
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