क्यों चिंता करता बेकार द्वारे पे तेरे खडो है दातार लिरिक्स
क्यों चिंता करता बेकार, द्वारे पे तेरे खडो है दातार, देगो चुगेरो है जाने चोंच दई।। तर्ज - आने से ...
Read moreDetailsक्यों चिंता करता बेकार, द्वारे पे तेरे खडो है दातार, देगो चुगेरो है जाने चोंच दई।। तर्ज - आने से ...
Read moreDetailsओम सत्य ओम सत्य, होवे हर की आरती, हरि ओम हरि ओम, होवे हर की आरती, जय जय बोले, बाबा ...
Read moreDetailsगाफिल क्यों नींद में सोग्यो, दोहा - ढोल बजाय बजाय कहे, सब संत जगावत देवत हेला, सोई रहा नर गाफिल ...
Read moreDetailsबिन सत्संग होवे ना ज्ञाना, दोहा - निर्धन कहे धनवान सुखी, धनवान कहे सुख राजा को भारी, राजा कहे चक्रवर्ती ...
Read moreDetailsतू सत्संग नौका में बैठ, सुवा चाले तो।। दोहा - रामचरण रुल झावतो, मिलती नहीं सत्संग, कठिन त्याग वैराग को, ...
Read moreDetailsमिग्सर का आया त्यौहार है, सज गया चुरू दरबार है, बैठे श्री बाबोसा सरकार है, दर्शन को दिल बेकरार है।। ...
Read moreDetailsचालो मना सत्संग करा, दोहा - पाप कटे मन डटे, सत्संग गंगा नहाय, बिण्ड भया गुरू देव का, दसो दोस ...
Read moreDetailsगुरुदेव पिलादी वो अमर ओम जड़ी, दोहा - सतगुरु मेरे सिर धनी, और पीरा से बड़ पीर, गुरु बगधारी धीर ...
Read moreDetailsथारे खुशी पड़े तो मानजे रे, सतगुरु समझावे रे। दोहा - अमल तंबाकू छुतरा, सुरा पान सु हैत, नानक नरका ...
Read moreDetailsबहती है अँखियों से धार, आ जाओ सांवरे। दोहा - कालजो धड़के मेरो, और कुम्भलावे देह, आँखड़ली झुर झुर बवे, ...
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