जय जय हे लक्ष्मी मैया अमृतवाणी लिरिक्स
जय जय हे लक्ष्मी मैया, रूप अनेक तुम्हारे मैया, अष्ट रूप की महिमा गाऊं, अवगुण चित न लाना मैया।। दोहा ...
Read moreDetailsजय जय हे लक्ष्मी मैया, रूप अनेक तुम्हारे मैया, अष्ट रूप की महिमा गाऊं, अवगुण चित न लाना मैया।। दोहा ...
Read moreDetailsरामजी की महिमा कितनी निराली, दो अक्षर के नाम की, जय बोलो सियावर राम की, बोलो राम राम राम।। जो ...
Read moreDetailsमारग चुनियो रे सत पर चालनो, ओ राजा हरिचंद। दोहा - सत मत छोड़ो साहिबा, सत छूटा पत जाए, सत्य ...
Read moreDetailsतू खाटू बुलाता रहे, और मैं आता रहूं। दोहा - खयाल जब भी तुम्हारा, मेरे श्याम आए, कपकपाते हुए लब ...
Read moreDetailsमाये नी मेरीये, बाबे दी गलियाँ, खाटू कितनी दूर, जयपुर नि वसना, रिंगस नि वसना, खाटू तो जाणा जरुर, माये ...
Read moreDetailsहे गोवर्धन गिरधारी, तुझे पूजे दुनिया सारी, तेरी परिक्रमा जो करले, मिट जाए विपदा सारी, हे गोवर्धंन गिरधारी, तुझे पूजे ...
Read moreDetailsमेरे नैना दीवाने रे, तेरे दर्शन के सांवरे, आजा आजा बुलाते है, बड़ा आंसू बहाते है।। तर्ज - अंखियों के ...
Read moreDetailsडूबते को सहारा दे, वो मेरा श्याम प्यारा है, कितनी भी बड़ी मुसीबत हो, हमें तूने उबारा है, हारे को ...
Read moreDetailsभज राधे गोविंदा रे पगले, भज राधे गोविंदा रे, तन परिंदे को छोड़ कही, उड़ जाये ना प्राण परिंदा रे, ...
Read moreDetailsमैं तो हर रोज, प्रभु गुण गाया करूँ, गुण गाया करूँ, हरि को ध्याया करूँ, हाँ रिझाया करूँ।। मुझे प्रभु ...
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