वेदसार शिव स्तव: हिंदी लिरिक्स

वेदसार शिव स्तव:, पशूनां पतिं पापनाशं परेशं, गजेन्द्रस्य क्रत्तिं वसानं वरेण्यम्। जटाजूटमध्ये स्फुरद्गांगवारिं, महादेवमेकं स्मरामि स्मरारिम्।१। महेशं सुरेशं सुरारार्तिनाशं, विभुं ...

Read moreDetails
Page 206 of 1605 1 205 206 207 1,605
error: कृपया प्ले स्टोर या एप्प स्टोर से भजन डायरी एप्प इंस्टाल करे