सिया से कहे हनुमाना रे माँ क्यों सिंदूर लगाया भजन लिरिक्स

सिया से कहे हनुमाना रे, माँ क्यों सिंदूर लगाया, सिया से कहें हनुमाना रे, माँ क्यों सिंदूर लगाया।। तर्ज - ...

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देवि सुरेश्वरि भगवति गंगे श्री गंगा स्त्रोतम

देवि सुरेश्वरि भगवति गंगे, त्रिभुवनतारिणि तरलतरंगे, शंकरमौलिविहारिणि विमले, मम मतिरास्तां तव पदकमले, देवि सुरेश्वरि भगवति गंगे।। भागीरथिसुखदायिनि मातस्तव, जलमहिमा निगमे ...

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