खुल्ला खुल्ला केश मां की सूरत लुभावनी भजन लिरिक्स

खुल्ला खुल्ला केश, मां की सूरत लुभावनी, भक्ता घर आजाजो, ये मेरी सातो बहना पावणी।। ग्यारहवीं सदी के माइ, देपा ...

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