भादो का महीना,
घटाए घनघोर,
कंस के कारागृह में,
जन्मे हैं नंद किशोर,
कंस के कारागृह में,
जन्मे हैं नंद किशोर।।
तर्ज – सावन का महीना।
जेल में जन्मे है,
कृष्ण कन्हाई,
लीला प्रभु ने देखो,
कैसी रचाई,
खुल गए ताले सारे,
ना चला कंस का जोर,
कंस के कारागृह में,
जन्मे हैं नंद किशोर,
कंस के कारागृह में,
जन्मे हैं नंद किशोर।।
इत मथुरा उत,
गोकुल प्यारा,
बीच में बह रही,
यमुना की धारा,
धन्य हो गई यमुना,
जब देखे नंद किशोर,
कंस के कारागृह में,
जन्मे हैं नंद किशोर,
कंस के कारागृह में,
जन्मे हैं नंद किशोर।।
नंदरानी खुश बड़ी,
नंद हरसाए,
तीन लोकन के स्वामी,
घर में है आए,
इतना प्यार लल्ला,
ना देखा कोई और,
कंस के कारागृह में,
जन्मे हैं नंद किशोर,
कंस के कारागृह में,
जन्मे हैं नंद किशोर।।
अन्न धन गवुऐं,
नंद बाबा बांटे,
सोना चांदी हीरे मोती,
दाऊ लुटावे,
ढोल नगाड़े बाजे,
नहीं खुशियों का ठोर,
कंस के कारागृह में,
जन्मे हैं नंद किशोर,
कंस के कारागृह में,
जन्मे हैं नंद किशोर।।
भादो का महीना,
घटाए घनघोर,
कंस के कारागृह में,
जन्मे हैं नंद किशोर,
कंस के कारागृह में,
जन्मे हैं नंद किशोर।।
देखें – जन्माष्टमी भजन लिस्ट।
🎤 Singer – Smrati Mourya
✍️ Lyrics – Shekhar Mourya








