चार पंडित काशी से आया चारों वेद पढ़ आया जी
चार पंडित काशी से आया, चारों वेद पढ़ आया जी, चार पँडित काशी से आया, चारों वेद पढ़ आया जी, ...
Read moreDetailsचार पंडित काशी से आया, चारों वेद पढ़ आया जी, चार पँडित काशी से आया, चारों वेद पढ़ आया जी, ...
Read moreDetailsऊपर वाला बैठा सब देख रहा, एक मन कहता करले करले, दूजा कहता नहीं नहीं, मन मर्जी चलना प्यारे ये, ...
Read moreDetailsशरण में आ गया मैया, ना खाली हाथ जाऊंगा, सफल कर कामना मेरी, विमल यश रोज गाऊंगा, शरण में आ ...
Read moreDetailsखाटू में बैठा मेरा श्याम, निराले चोले में। तर्ज - सज रहे भोले बाबा निराले। निराले चोले में मुस्काते चोले ...
Read moreDetailsआरती श्री साईं गुरुवर की, परमानंद सदा सुरवर की।। जाकी कृपा विपुल सुखकारी, दु:ख शोक संकट भयहारी, शिरडी में अवतार ...
Read moreDetailsआज मिथिला नगरिया निहाल सखिया, चारों दूल्हा में बड़का कमाल सखिया।। शेषमणि मोरिया कुंडल सोहे कनुआ, कारी कारी कजरारी जुल्मी ...
Read moreDetailsजब कोई नहीं था हमारा, और पास नहीं था किनारा, जब हार गया इस जग से, बाबा ने दिया सहारा, ...
Read moreDetailsछाया रे बसंती रंग, लो फागुन आया रे, याद श्याम की आई, फिर से चली पुरवाई, छाया रें बसंती रंग, ...
Read moreDetailsजोबन धन पावना दिन चारा जी, दोहा - आया था किस कारणे, ने सोया चादर तान, एक दिन जम ले ...
Read moreDetailsकवारी होती तो पीपल पुजती, लागो हथलेवा रो पाप, कवारी होती तो पिपल पुजती, लागो हथलेवा रो पाप, छोडे ने ...
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