ओ माँ प्यारी लागे तेरस री रात जी माजीसा भजन लिरिक्स

जसोल गढ़ में मोटो बनीयो धाम,
जसोल गढ़ में मोटो बनीयो धाम,
ओ माँ प्यारी लागे तेरस री रात जी,
ओ माँ वाली लागे तेरस री रात जी,
ओ माँ छोकी लागे तेरस री रात जी।।



धोरां धरती माय मैया देवरो है आपरो,

साचो थारो नाम मैया एक थारो आसरो,
ओ निव निव लागू थारे पाय,
लुल लुल लागू थारे पाय,
ओ माँ वाली लागे तेरस री रात जी,
ओ माँ छोकी लागे तेरस री रात जी।।



दूर देशारा माजीसा आवे थारे यात्री,

भाव सु केवे माजीसा अरजी सुनलो म्हारी,
कलयुग मे साचो थारो नाम,
कलयुग मे साचो थारो नाम,
ओ माँ वाली लागे तेरस री रात जी,
ओ माँ छोकी लागे तेरस री रात जी।।



जोगीदा सु मैया म्हारी मालानी पधारे,

भगता रे कारण मैया शक्ति रूप आ धारे,
सवाई सिंह जी घोड़े चढने आव,
लाल बन्नासा री मूरत मनडे भाव,
ओ माँ वाली लागे तेरस री रात जी,
ओ माँ छोकी लागे तेरस री रात जी।।



रमता खेलता मैया आंगनीये पधारो,

सेवक थारे मैया चाकरी मे लागो,
ए श्याम इन्द्र जश गाव,
रवि नूतन चरना माय,
ओ माँ वाली लागे तेरस री रात जी,
ओ माँ छोकी लागे तेरस री रात जी।।



जसोल गढ़ में मोटो बनीयो धाम,

जसोल गढ़ में मोटो बनीयो धाम,
ओ माँ प्यारी लागे तेरस री रात जी,
ओ माँ वाली लागे तेरस री रात जी,
ओ माँ छोकी लागे तेरस री रात जी।।

गायक – श्याम पालीवाल जी।
प्रेषक – मनीष सीरवी।
(रायपुर जिला पाली राजस्थान)
9640557818


आपको ये भजन कैसा लगा? कृपया प्ले स्टोर से भजन डायरी एप्प इनस्टॉल कीजिये।

अपनी टिप्पणी लिखें
अपना नाम दर्ज करें