मुझे जीने का शौक नहीं जीता हूँ खाटू आने को भजन लिरिक्स

मुझे जीने का शौक नहीं,
जीता हूँ खाटू आने को,
हाल दिल का सुनाने को,
हाल दिल का सुनाने को,
तुझे अपना बनाने को,
मुझे जीने का शौक नही,
जीता हूँ खाटू आने को।।

तर्ज – मुझे पीने का शौक नहीं।



लाखों ने करोड़ो ने,

खुशियां दर से तेरे पाई,
बाबा तेरा दीवाना हूँ,
तुझे याद मेरी ना आई,
क्या तूने भुला डाला,
क्या तूने भुला डाला,
अपने इस दीवाने को,
मुझे जीने का शौक नही,
जीता हूँ खाटू आने को।।



मैं भी दर पे तेरे आऊंगा,

श्याम मेरा है ये सपना,
दूर तुझसे ना जाऊंगा,
इक तू ही तो है अपना,
रह ना पाऊं बिना तेरे,
मतलब के ज़माने में,
मुझे जीने का शौक नही,
जीता हूँ खाटू आने को।।



जिसको मिल जाए तेरी शरण,

हारे ना वो हराये से,
जिसपे रहमत तेरी सांवरे,
डरे ना वो डराए से,
‘जय कौशिक’ भी आएगा,
‘जय कौशिक’ भी आयेगा,
चरणों में सर झुकाने को,
मुझे जीने का शौक नही,
जीता हूँ खाटू आने को।।



मुझे जीने का शौक नहीं,

जीता हूँ खाटू आने को,
हाल दिल का सुनाने को,
हाल दिल का सुनाने को,
तुझे अपना बनाने को,
मुझे जीने का शौक नही,
जीता हूँ खाटू आने को।।

Singer – Amit Sharma (Kota)


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