म्हारो दूध क्यों लजायो रे,
बेटा हनुमान।।
मारु धार पहाड़ फट जावे,
ऐसो दूध पिलायो रे,
जनक सुता ने रावण ले गयो,
जनक सुता ने रावण ले गयो,
म्हाने मुंडो क्यों बतायो रे,
बेटा हनुमान,
मारो दूध क्यों लजायो रे,
बेटा हनुमान।।
ऐसा तेरा राम लखन है,
जो थने पायक बनायो,
श्री राम की लेकर आज्ञा,
श्री राम की लेकर आज्ञा,
सारी लंका ने उठा क्यों न लायो रे,
बेटा हनुमान,
मारो दूध क्यों लजायो रे,
बेटा हनुमान।।
इतना वचन सुना बजरंग ने,
नैना रोष भर आयो रे,
पूरब पश्चिम भेळी कर दूँ,
पूरब पश्चिम भेळी कर दूँ,
जद तो जाणे मने अंजनी रो जायो रे,
बेटा हनुमान,
मारो दूध क्यों लजायो रे,
बेटा हनुमान।।
तुलसीदास आस रघुवर की,
प्रभु चरण गुण गायो जी,
द्रोणागिरी पर्वत ने लायो,
द्रोणागिरी पर्वत ने लायो,
भरत भाई ने बाण लगायो रे,
बेटा हनुमान,
मारो दूध क्यों लजायो रे,
बेटा हनुमान।।
म्हारो दूध क्यों लजायो रे,
बेटा हनुमान।।
By – S. K. Music Barla








