तूफानों ने घेरा फिर भी,
नाव तो चली,
आसरे तुम्हारे बजरंगबली,
राम राम राम धुन,
गाती ये चली,
आसरे तुम्हारे बजरंग बली,
तूफानो ने घेरा फिर भी,
नाव तो चली,
आसरे तुम्हारे बजरंग बली।।
तर्ज – शादी के लिए रजामंद।
लाल लंगोटा हाथों में सोटा,
होठों पे महिमा है श्री राम की,
अंजना माँ के प्यारे दुलारे,
जयकार गूंजे तेरे नाम की,
भूत प्रेत बाधा सब चीरती चली,
आसरे तुम्हारे बजरंगबली,
तूफानो ने घेरा फिर भी,
नाव तो चली,
आसरे तुम्हारे बजरंग बली।।
लाल सिंदूरी चोला चढ़ाऊ,
चंपा चमेली गुलाबों का हार,
भोग लगाऊं बीड़ा खिलाऊं,
खुशियों की छाई है घर में बहार,
ताले तकदीरों के ये खोलती चली,
आसरे तुम्हारे बजरंग बली,
तूफानो ने घेरा फिर भी,
नाव तो चली,
आसरे तुम्हारे बजरंग बली।।
ऐसे ही रखना तुम हाथ सिर पे,
‘लहरी’ मैं तेरा हूँ तेरा रहूं,
माझी हो मेरे परिवार के तुम,
हरदम कृपा तेरी पाता रहूं,
ले चलो मुझे भी सियाराम की गली,
आसरे तुम्हारे बजरंग बली,
तूफानो ने घेरा फिर भी,
नाव तो चली,
आसरे तुम्हारे बजरंग बली।।
तूफानों ने घेरा फिर भी,
नाव तो चली,
आसरे तुम्हारे बजरंग बली,
राम राम राम धुन,
गाती ये चली,
आसरे तुम्हारे बजरंग बली,
तूफानो ने घेरा फिर भी,
नाव तो चली,
आसरे तुम्हारे बजरंग बली।।
Singer – Uma Lahari Ji








