जो ठीक लगे तुझको,
देना तू श्याम वही,
मैं कुछ भी मांगता हूं,
मुझको तो समझ नहीं।।
तर्ज – ऐ मेरे दिले नादाँ।
मेरे मन की नहीं बाबा,
तेरे मन की करना,
हर मोड़ पे श्याम यूं ही,
तू साथ मेरे चलना,
तू जाने गलत क्या है,
तू जाने क्या है सही,
मैं कुछ भी मांगता हूं,
मुझको तो समझ नहीं।।
मांगू मैं यही तुमसे,
कोई मांग ना मेरी हो,
हर सांस पे श्याम मेरे,
बस मर्जी तेरी हो,
जो प्यार मिला तुमसे,
मिलता ना और कहीं,
मैं कुछ भी मांगता हूं,
मुझको तो समझ नहीं।।
जो दूर करे तुमसे,
ना चाहूं वो माया,
काफी है जीने को,
तेरे नाम से जो पाया,
चाहत ना ‘सचिन’ मन में,
बाकी अब और रही,
मैं कुछ भी मांगता हूं,
मुझको तो समझ नहीं।।
जो ठीक लगे तुझको,
देना तू श्याम वही,
मैं कुछ भी मांगता हूं,
मुझको तो समझ नहीं।।
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🎤 गायक / Singer – Varsha Garg
✍️ लेखक / Lyrics – Sachin Tulsiyan








