म्हारी पत राखो गोपाल एक बस थारो सहारो है लिरिक्स

म्हारी पत राखो गोपाल,
एक बस थारो सहारो है,
थोड़ी करल्यो थे म्हारी संभाल,
थोड़ी करल्यो थे म्हारी संभाल,
एक बस थारो सहारो है,
म्हारी पत राखों गोपाल,
एक बस थारो सहारो है।।

तर्ज – आ लौट के आजा।



म्हाने मिल्या थे थारी दया है,

टाबरिया भोला म्हे थारा,
थे ही सखा हो मायड़ हो थे ही,
थे ही पिता हो म्हारा,
थारे बिन तो रहवा बेहाल,
थारे बिन तो रहवा बेहाल,
एक बस थारो सहारो है,
म्हारी पत राखों गोपाल,
एक बस थारो सहारो है।।



क्यों ना तू रुझे क्यों ना पसीजे,

बोल कठेसी मैं जावां,
थारे चरण में थारी शरण में,
बाबा मैं आराम पावा,
छोड़ आया मैं जी को जंजाल,
छोड़ आया मैं जी को जंजाल,
एक बस थारो सहारो है,
म्हारी पत राखों गोपाल,
एक बस थारो सहारो है।।



‘चोखानी’ थारो बालक है बाबा,

गलती की माफ़ी है चावे,
हो जा तू राजी ओ रे मिजाजी,
कुण म्हारी विपदा मिटावे,
म्हापे मुस्का के मत ना तू टाल,
म्हापे मुस्का के मत ना तू टाल,
Bhajan Diary Lyrics,
एक बस थारो सहारो है,
म्हारी पत राखों गोपाल,
एक बस थारो सहारो है।।



म्हारी पत राखो गोपाल,

एक बस थारो सहारो है,
थोड़ी करल्यो थे म्हारी संभाल,
थोड़ी करल्यो थे म्हारी संभाल,
एक बस थारो सहारो है,
म्हारी पत राखों गोपाल,
एक बस थारो सहारो है।।

Singer – Gautam Rathor


आपको ये भजन कैसा लगा? कृपया प्ले स्टोर से भजन डायरी एप्प इनस्टॉल कीजिये।

अपनी टिप्पणी लिखें
अपना नाम दर्ज करें