म्हारी दादी जगत सेठाणी म्हारो मौज करे परिवार लिरिक्स

म्हारी दादी जगत सेठाणी म्हारो मौज करे परिवार लिरिक्स

म्हारी दादी जगत सेठाणी,
म्हारो मौज करे परिवार,
म्हारी दादी जी,
मांग लेवा दादी से जद भी,
मांग लेवा दादी से जद भी,
पड़े कोई दरकार,
म्हारी दादी जी,

म्हारी दादी जगत सेठानी,
म्हारो मौज करे परिवार,
म्हारी दादी जी।।

तर्ज – चाकर राख ले सांवरिया।



पूत कपूत जिसा भी हाँ,

आखिर दादी का टाबर हाँ,
किस्मत में लिखवा कर ल्याया,
किस्मत में लिखवा कर ल्याया,
मांगण को अधिकार,
म्हारी दादी जी,
म्हारी दादी जगत सेठानी,
म्हारो मौज करे परिवार,
म्हारी दादी जी।।



क्यों ना म्हे इतरावा,

म्हारी दादी जगत सेठाणी है,
जिके द्वार पे मांगण ता ई,
जिके द्वार पे मांगण ता ई,
आवे यो संसार,
म्हारी दादी जी,
म्हारी दादी जगत सेठानी,
म्हारो मौज करे परिवार,
म्हारी दादी जी।।



जद से पडोसी जाण गया,

म्हारो जोर चले है दादी पे,
रोज कवे म्हाने भी मिला दे,
रोज कवे म्हाने भी मिला दे,
दादी से इक बार,
म्हारी दादी जी,
म्हारी दादी जगत सेठानी,
म्हारो मौज करे परिवार,
म्हारी दादी जी।।



‘सोनू’ कवे या दादी ना तो,

तेरी है ना मेरी है,
जग जननी है या तो सारे,
जग जननी है या तो सारे,
जग की पालनहार,
म्हारी दादी जी,
म्हारी दादी जगत सेठानी,
म्हारो मौज करे परिवार,
म्हारी दादी जी।।



म्हारी दादी जगत सेठाणी,

म्हारो मौज करे परिवार,
म्हारी दादी जी,
मांग लेवा दादी से जद भी,
मांग लेवा दादी से जद भी,
पड़े कोई दरकार,
म्हारी दादी जी,

म्हारी दादी जगत सेठानी,
म्हारो मौज करे परिवार,
म्हारी दादी जी।।

स्वर – सौरभ मधुकर।


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