म्हाने सतगुरु मिलीया बाबूलाल जी हो गया आनंद अपार

म्हाने सतगुरु मिलीया बाबूलाल जी,
हो गया आनंद अपार,
हो गया आनंद अपार माने,
हो गया आनंद अपार,
माने सतगुरु मिलीया बाबूलाल जी,
हो गया आनंद अपार।।



सतगुरु महर करे मा ऊपर,

साची सेन बताय,
सतगुरु महर करे मा ऊपर,
साची सेन बताय,
गुरूजी साची सेन बताय,
घोर अन्धेरो दूर हो गयो,
घोर अन्धेरो दूर हो गयो,
सुतो हंसलो जगाय,
गुरूजी सुतो हंसलो जगाय,
माने सतगुरु मिलीया बाबूलाल जी,
हो गया आनंद अपार।।



सतगुरु बाण शब्द रा मारीया,

सुरता दिनी जगाय,
सतगुरु बाण शब्द रा मारीया,
सुरता दिनी जगाय,
गुरूजी सुरता दिनी जगाय,
अब मारो मनडो भजन मे लागो,
अब मारो मनडो भजन मे लागो,
सतगुरु शरणे जाय,
भई सतगुरु शरणे जाय,
माने सतगुरु मिलीया बाबूलाल जी,
हो गया आनंद अपार।।



कुटम कबीलों सब जग झूठो,

सतगुरु करे सहाय,
कुटम कबीलों सब जग झूठो,
सतगुरु करे सहाय,
ओ सतगुरु करे सहाय,
डूबोडा ने पार लगावे,
डूबोडा ने पार लगावे,
बाह पकडले बार,
बाह पकडले बार,
माने सतगुरु मिलीया बाबूलाल जी,
हो गया आनंद अपार।।



गाँव दादाई जाती देवासी,

बाबूलाल जी नाम,
गाँव दादाई जाती देवासी,
बाबूलाल जी नाम,
गुरूजी बाबूलाल जी नाम,
सगरामजी रा पुत्र केवीजे,
सगरामजी रा पुत्र केवीजे,
हंजा बाई रा लाल,
हंजा बाई रा लाल,
माने सतगुरु मिलीया बाबूलाल जी,
हो गया आनंद अपार।।



जोखर आशापुरा सोशल मंडल,

आपरे शरणा माय,
जोखर आशापुरा सोशल मंडल,
आपरे शरणा माय,
गुरूजी आपरे शरणा माय,
बाबूलाल जी री महर हो गई,
बाबूलाल जी महर हो गई,
बेडा हो गया पार,
बेड़ा हो गया पार,
माने सतगुरु मिलीया बाबूलाल जी,
हो गया आनंद अपार।।



म्हाने सतगुरु मिलीया बाबूलाल जी,

हों गया आनंद अपार,
हो गया आनंद अपार माने,
हो गया आनंद अपार,
माने सतगुरु मिलीया बाबूलाल जी,
हो गया आनंद अपार।।

गायक – शंकर टाक जी।
प्रेषक – मनीष सीरवी
9640557818


https://youtu.be/tm_ilreQGvs

इस भजन को शेयर करे:

अन्य भजन भी देखें

रामाजी गुडा में जागी जगमग जोत पुरबजी भजन

रामाजी गुडा में जागी जगमग जोत पुरबजी भजन

रामाजी गुडा में जागी जगमग जोत, दोहा – जगमग जोता जागती, रामाजी गुडा रे धाम, कलजुग मे पुरबजी देवता, ए सारे भगतो रा काज। रामाजी गुडा में जागी जगमग जोत,…

सोवनी मूरत बाबा पियालो थरपना गोसाँई जी सायल लीरिक्स

सोवनी मूरत बाबा पियालो थरपना गोसाँई जी सायल लीरिक्स

सोवनी मूरत बाबा पियालो थरपना, दोहा – झुंझालो ज्यूँ जेतगढ़, आदू धाम कड़ेल, मंडी बिराजो देवरे, ज्यूँ गिरभाकर री शैल। गौसाई सिर ऊपरे, झुंझाला निज धाम, मंडी रचाई देवरे, भाई…

वन में चले रघुराई संग उनके सीता माई भजन लिरिक्स

वन में चले रघुराई संग उनके सीता माई भजन लिरिक्स

वन में चले रघुराई, संग उनके सीता माई, राजा जनक की जाई, राजा जनक की जाई।। तर्ज – दिल में तुझे बिठाके। आगे आगे राम चले है, पीछे लक्ष्मण भाई,…

Bhajan Lover / Singer / Writer / Web Designer & Blogger.

Leave a Comment

error: कृपया प्ले स्टोर से भजन डायरी एप्प इंस्टाल करे