म्हाने भी बुला ले बाबा थारी रे नगरिया भजन लिरिक्स

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म्हाने भी बुला ले बाबा थारी रे नगरिया भजन लिरिक्स

म्हाने भी बुला ले बाबा,
थारी रे नगरिया,
म्हारो तरसे है मन,
नाचूं हो के मगन,
म्हारा सांवरिया, सांवरिया,
म्हने भी बुला ले बाबा,
थारी रे नगरिया।।

तर्ज – कौन दिशा में लेके चला रे।



गिन गिन काटू दिन मैं सांवरिया,

जाग जाग कर रात हो,
जी चावे आ जाऊ मैं उड़ के,
खाटू इब की साथ हो,
घूम घूम के महलो देखूं,
घूम घूम के महलो देखूं,
नाचू नो नो ताल हो,
चंग बजे रे गूंजे काना में मुरलिया,
म्हारो तरसे है मन,
नाचूं हो के मगन,
म्हारा सांवरिया, सांवरिया,
म्हने भी बुला ले बाबा,
थारी रे नगरिया।।



आनो चाहूँ खाटू में बाबा,

बिठा बिठा कर चोग हो,
मैं तो हारयो ओ रे सांवरिया,
तू ही बिठा संजोग हो,
मंशा हो री मंजिल दोरी,
मंशा हो री मंजिल दोरी,
तू तो बुला ले सांवरा,
बीत ना जावे बिन मिल्या या उमरिया,
म्हारो तरसे है मन,
नाचूं हो के मगन,
म्हारा सांवरिया, सांवरिया,
म्हने भी बुला ले बाबा,
थारी रे नगरिया।।



ओ बाबा थारा दर्शन करन ने,

पैदल चल के आश्या हो,
मन चाहि थासु करस्या मैं बाता,
मनडे रो हाल सुनास्या हो,
झूठी कोणी प्रीत या म्हारी,
प्रीत की रीत निभा जा हो,
बड़ी ही कठिन है ‘संजू’ प्रेम की डगरिया,
म्हारो तरसे है मन,
नाचूं हो के मगन,
म्हारा सांवरिया, सांवरिया,
म्हने भी बुला ले बाबा,
थारी रे नगरिया।।



म्हाने भी बुला ले बाबा,

थारी रे नगरिया,
म्हारो तरसे है मन,
नाचूं हो के मगन,
म्हारा सांवरिया, सांवरिया,
म्हने भी बुला ले बाबा,
थारी रे नगरिया।।

स्वर – प्रकाश मिश्रा।
प्रेषक – डूंगर मल बड़गुजर
+917014252710


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