म्हाने अबके बचाले मारी माय बटाऊ आयो लेवन ने लिरिक्स

म्हाने अबके बचाले मारी माय,

दोहा – डिगी पाल तलाब री,
तो हंसलो बैठो आय,
रीत पुरानी कारणे,
चुग चुग कंकर खाय।

म्हाने अबके बचाले मारी माय,
बटाऊ आयो लेवन ने,
ओ माने अबके बचाले मारी माय,
बटाऊ आयो लेवन ने।।



आठ कोठडी नव दरवाजा,

इन मन्दिर रे माय,
आठ कोठडी नव दरवाजा,
इन मन्दिर रे माय,
लुकती चुपती मै फिरू रे,
लुकती चुपती मै फिरू रे,
लुकती ने छोडे वैरी नाही,
बटाऊ आयो लेवन ने,
ए माने अबके बचाले मारी माय,
बटाऊ आयो लेवन ने।।



हाथ जोड कन्या कहे रे,

सुन मायड मारी बात,
हाथ जोड कन्या कहे,
सुन मायड मारी बात,
अबकी बटाऊ ने पाछो कर दे,
अबकी बटाऊ ने पाछो कर दे,
फिर चालुली विनरे साथ,
बटाऊ आयो लेवन ने,
ए माने अबके बचाले मारी माय,
बटाऊ आयो लेवन ने।।



सावन रा सत रह गया,

आयी तीज प्रभात,
सावन रा सत रह गया,
आयी तीज प्रभात,
रमन खेलन री मन मे रह गई,
रमन खेलन री मन मे रह गई,
छोड्यो सहेलीयो रो साथ,
बटाऊ आयो लेवन ने,
ए माने अबके बचाले मारी माय,
बटाऊ आयो लेवन ने।।



माता पिता और कुटम कबीलों,

फेरीयो सिर पर हाथ,
माता पिता और कुटम कबीलों,
फेरीयो सिर पर हाथ,
अरे पाँच भाया री बहन लाडली,
पाँच भाया री बहन लाडली,
कोई नी चाल्यो उन रे साथ,
बटाऊ आयो लेवन ने,
ए माने अबके बचाले मारी माय,
बटाऊ आयो लेवन ने।।



म्हणे अबके बचाले मारी माय,

बटाऊ आयो लेवन ने,
ओ माने अबके बचाले मारी माय,
बटाऊ आयो लेवन ने।।

गायक – प्रकाश माली जी।
प्रेषक – मनीष सीरवी
9640557818


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