मेरी विनती सुनलो जी हे गोविन्द हे सरकार भजन लिरिक्स

मेरी विनती सुनलो जी,
हे गोविन्द हे सरकार,
मेरी अर्ज़ी सुनलो जी,
हे गोविन्द हे सरकार,
मेरा पल्ला पकड़ के रखना,
हे जग के पालनहार,
मेरी विनती सुनलों जी,
हे गोविन्द हे सरकार।।



तेरे संग शाम मेरी,

तेरे संग सवेरा है,
तेरे संग उजाला है,
बिन तेरे अँधेरा है,
है सब कुछ सांवरे तेरा,
तू जीवन का आधार,
मेरी विनती सुनलों जी,
हे गोविन्द हे सरकार।।



दर्द के समंदर का,

तू ही किनारा है,
टूट के जो बिखरुं तो,
तेरा सहारा है,
ये जीवन तुझपे वारा,
मैंने तो बारम्बार,
मेरी विनती सुनलों जी,
हे गोविन्द हे सरकार।।



जिसका तू मीत प्यारे,

वो कभी ना हारा है,
कृपा का सागर है तू,
हारे का सहारा है,
ये जीवन उसका खारा है,
जिसे मिला ना तेरा प्यार,
मेरी विनती सुनलों जी,
हे गोविन्द हे सरकार।।



मेरी विनती सुनलो जी,

हे गोविन्द हे सरकार,
मेरी अर्ज़ी सुनलो जी,
हे गोविन्द हे सरकार,
मेरा पल्ला पकड़ के रखना,
हे जग के पालनहार,
मेरी विनती सुनलों जी,
हे गोविन्द हे सरकार।।

Singer – Rajan Mor


आपको ये भजन कैसा लगा? कृपया प्ले स्टोर से भजन डायरी एप्प इनस्टॉल कीजिये।

अपनी टिप्पणी लिखें
अपना नाम दर्ज करें