प्रथम पेज कृष्ण भजन नौकर मुझे बना लो तेरी सेवा करूँ दिन रात भजन लिरिक्स

नौकर मुझे बना लो तेरी सेवा करूँ दिन रात भजन लिरिक्स

नौकर मुझे बना लो,
तेरी सेवा करूँ दिन रात,
हो मंज़ूर तुझे गर,
तो बन जाए मेरी बात।।

तर्ज – सावन का महीना।



देना या ना देना तेरा,

काम तू ही जाने,
तुझे सबके काम बाबा,
आते हैं बनाने,
चिंता फिकर फिर कैसी,
जब सांवरा है मेरे साथ,
हो मंज़ूर तुझे गर,
तो बन जाए मेरी बात।
नौकर मुझे बना लों,
तेरी सेवा करूँ दिन रात,
हो मंज़ूर तुझे गर,
तो बन जाए मेरी बात।।



अरमा है तेरी दहलीज़,

सर मेरा हो,
हर सुबह शाम मुझे,
दर्शन तेरा हो,
दे दे मुझे जीवन की,
ये सबसे बड़ी सौगात,
हो मंज़ूर तुझे गर,
तो बन जाए मेरी बात।
नौकर मुझे बना लों,
तेरी सेवा करूँ दिन रात,
हो मंज़ूर तुझे गर,
तो बन जाए मेरी बात।।



हो सके तो मेरी,

तक़दीर भी जगा दे,
देके चाकरी तू मेरी,
ज़िन्दगी बना दे,
मैं ये कहूं इतराके,
है श्याम प्रभु मेरे साथ,
हो मंज़ूर तुझे गर,
तो बन जाए मेरी बात।
नौकर मुझे बना लों,
तेरी सेवा करूँ दिन रात,
हो मंज़ूर तुझे गर,
तो बन जाए मेरी बात।।



नौकर मुझे बना लो,

तेरी सेवा करूँ दिन रात,
हो मंज़ूर तुझे गर,
तो बन जाए मेरी बात।।

स्वर – कुमार विशु।


कोई टिप्पणी नही

आपको ये भजन कैसा लगा? कृपया प्ले स्टोर से भजन डायरी एप्प इनस्टॉल कीजिये।

अपनी टिप्पणी लिखें
अपना नाम दर्ज करें

error: कृपया प्ले स्टोर से \"भजन डायरी\" एप्प डाउनलोड करे।