प्रथम पेज चित्र विचित्र भजन मेरी लाड़ली के जैसा कोई दूसरा नहीं है भजन लिरिक्स

मेरी लाड़ली के जैसा कोई दूसरा नहीं है भजन लिरिक्स

मेरी लाड़ली के जैसा,
कोई दूसरा नहीं है,
जहाँ बरसे कृपा हर पल,
बरसाना वो यही है।।



ऐसी दयालु जग में,

पाओगे ना कही भी,
बे-सहारो को सहारा,
वो आसरा यही है,
जहाँ बरसे कृपा हर पल,
बरसाना वो यही है।।



एक बार जो शरण में,

आ जाये लाडली के,
जनमो की मिटे भटकन,
दरबार वो यही है,
जहाँ बरसे कृपा हर पल,
बरसाना वो यही है।।



बिगड़े नसीब तुमने,

कितनो के है सँवारे,
किस्मत का चमके तारा,
वो सितारा भी यही है,
जहाँ बरसे कृपा हर पल,
बरसाना वो यही है।।



कहे चित्र विचित्र श्यामा,

तुम हो दया की सागर,
पागल ने जो दिखाया,
वो नज़ारा भी यही है
जहाँ बरसे कृपा हर पल,
बरसाना वो यही है।।



मेरी लाड़ली के जैसा,

कोई दूसरा नहीं है,
जहाँ बरसे कृपा हर पल,
बरसाना वो यही है।।


कोई टिप्पणी नही

आपको ये भजन कैसा लगा? कृपया प्ले स्टोर से भजन डायरी एप्प इनस्टॉल कीजिये।

अपनी टिप्पणी लिखें
अपना नाम दर्ज करें

error: कृपया प्ले स्टोर से \"भजन डायरी\" एप्प डाउनलोड करे।