मेरी हर मुश्किल का हल बन जाता तू ही है खाटु श्याम भजन

मेरी हर मुश्किल का हल,
बन जाता तू ही है,
उलझन भी मेरी हर पल,
सुलझाता तू ही है,
मेरा तो बस श्याम,
सहारा तू ही है,
मेरा तो बस श्याम,
सहारा तू ही है।।

तर्ज – तुझे ना देखूं तो चैन।



ऐसा साथी मिलना तो,

है किस्मत की बात,
अब काहे का डरना बाबा,
जब तू मेरे साथ,
जबतक मेरे तन में ये सांस रहे,
मुझे बस तेरा विश्वास रहे,
विश्वास रहे,
मुझे सही गलत का भेद,
बतलाता तू ही है,
मतलब जीवन का मुझे,
समझाता तू ही है,
मेरा तो बस श्याम,
सहारा तू ही है।।



आँखों से जब आंसू टपके,

दिल होता उदास,
साथ खड़ा तू हरपल मेरे,
होता है अहसास,
तू ही तो बचाए मेरी लाज सदा,
तू ही तो बनाए मेरे काज सदा,
मेरे काज सदा,
मेरे होंठो की मुस्कान,
बन जाता तू ही है,
मेरा तो बस श्याम,
सहारा तू ही है।।



आने लगे जबसे,

‘मोहित’ तेरे द्वार,
जिंदगी में छाई है,
अब खुशियां अपार,
तू ही तो हमेशा अहसान करे,
मेरे दिल का पूरा अरमान करे,
अरमान करे,
मुझे प्रेम का पाठ सदा,
पढ़ाता तू ही है,
मेरी श्रद्धा भक्ति भाव,
बढ़ाता तू ही है,
मेरा तो बस श्याम,
सहारा तू ही है।।



मेरी हर मुश्किल का हल,

बन जाता तू ही है,
उलझन भी मेरी हर पल,
सुलझाता तू ही है,
मेरा तो बस श्याम,
सहारा तू ही है,
मेरा तो बस श्याम,
सहारा तू ही है।।


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