मेरे साजन का मुखड़ा है चाँद मैं आरती उतारूंगी लिरिक्स

मेरे साजन का मुखड़ा है चाँद,
मैं आरती उतारूंगी,
चंदा देखूंगी मन से पूजूंगी,
करवा गाउंगी जल चढ़ाउंगी,
मेरा साजन है मेरा भगवान,
मैं आरती उतारूंगी।।



जन्म जनम का रिश्ता मैं जोड़ूँ,

साजन के हाथों व्रत में तोडूं,
पति परमेश्वर मेरा है प्राण,
मैं आरती उतारूंगी,
मेरा साजन है मेरा भगवान,
मैं आरती उतारूंगी।।



प्रेम पिया का मिले जनम भर,

साथ रहूं संग छाया बनकर,
रहे होंठों पे पिया जी का नाम,
मैं आरती उतारूंगी,
मेरा साजन है मेरा भगवान,
मैं आरती उतारूंगी।।



करवा चौथ सुहागन मनाए,

पति पूजा कर प्रीती बढाए,
धर्म पतिव्रत का सबसे महान,
मैं आरती उतारूंगी,
मेरा साजन है मेरा भगवान,
मैं आरती उतारूंगी।।



मेरे साजन का मुखड़ा है चाँद,

मैं आरती उतारूंगी,
चंदा देखूंगी मन से पूजूंगी,
करवा गाउंगी जल चढ़ाउंगी,
मेरा साजन है मेरा भगवान,
मैं आरती उतारूंगी।।

Singer – Prem Prakash Dubey


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