मेरे हालात पे तेरी खामोशियाँ भजन लिरिक्स

मेरे हालात पे तेरी खामोशियाँ,
साँवरे अब सही हमसे जाती नहीं,
मुझको इतना बता दो मेरे साँवरे,
क्यों दया तुमको प्रेमी पे आती नही,
मेरे हालात पे तेरी खामोशियां।।



बनके टूटी सी तस्वीर कब तक रहुं,

ताने दुनिया के मैं श्याम कब तक सहुं,
आंसू की तेज धारा में कब तक बहुं,
मेरी दर्दो सितम से भरी दास्तां,
जानलो अब कहि हमसे जाती नहीं,
मेरे हालात पे तेरी खामोशियां।।



छलनी छलनी हुआ है ये सीना मेरा,

चैन अपनो ने ही श्याम छीना मेरा,
बिन तेरे अब तो मुश्किल है जीना मेरा,
थाम लो अब तो दामन मेरा मोहना,
तुझसे बढ़कर मेरा कोई साथी नही,
मेरे हालात पे तेरी खामोशियां।।



गहरी नदिया भंवर श्याम विकराल है,

मुँह को खोले खड़ा सामने काल है,
बेबसी में तेरा दास बेहाल है,
कैसे नैया किनारे पे लाऊंगा मैं,
राह कोई नज़र अब तो आती नहीं,
मेरे हालात पे तेरी खामोशियां।।



इस से पहले कि आशा निराशा बने,

सारी दुनिया में मेरा तमाशा बने,
हार की इक नई परिभाषा बने,
अपने चरणों की छाया में ले लो ‘तरुण’,
कोई चौखट मुझे और भाती नहीं,
मेरे हालात पे तेरी खामोशियां।।



मेरे हालात पे तेरी खामोशियाँ,

साँवरे अब सही हमसे जाती नहीं,
मुझको इतना बता दो मेरे साँवरे,
क्यों दया तुमको प्रेमी पे आती नही,
मेरे हालात पे तेरी खामोशियां।।

स्वर – रजनी जी राजस्थानी।


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