आजा नै आजा नै,
मेरे गोरख योगी आजा नै,
धुने पै अलख जगाजै नै।।
आजा नै मेरे शिव अवतारी,
कद का देखूं बाट तुम्हारी,
मनै भगति का पाठ पढ़ा जा नै।।
नव नाथों मे तू नाथ निराला,
दर्श दिखा कै करो उजियाला,
आके धुने की शोभा बढ़ा जा नै।।
कांधे झोली गले में माला,
आकै खोल बन्द किस्मत का ताला,
बाबा झूम-झूम चिमटा बजा जा नै।।
गुरु राजेन्द्र का गाम लदाणा,
धुने पै धरया तेरा भगमा बाणा,
तेरे सुनील नै पहर दिखा जा नै।।
आजा नै आजा नै,
मेरे गोरख योगी आजा नै,
धुने पै अलख जगाजै नै।।
गायक & लेखक – सुनील कुमार लदानियां।
99961-23336








