प्रथम पेज राजस्थानी भजन मन पवन री घोड़ी तेरा क्या लगेगा मोल

मन पवन री घोड़ी तेरा क्या लगेगा मोल

मन पवन री घोड़ी,
घोड़ी रे पोंच वसेरा,
पांचौड़ी बाग मरोड़,
तेंरा क्या लगेगा मौल,
क्या लगेगा मोल,
मनवा क्या लगेगा मोल,
तु सबसे मीठा बोल,
तेंरा क्या लगेगा मोल।।



आ देही थे धारी,

थारी जरणी भारे मारी,
किया हरी से तोल,
तेंरा क्या लगेगा मोल,
क्या लगेगा मोल तेरा,
क्या लगेगा मोल,
गोविन्द गोविन्द बोल,
तेरा क्या लगेगा मौल।।



पांच कोस पर चलना,

तेरा हाथ पांव नहीं हिलना,
अंतर रा पर्दा खोल,
तेंरा क्या लगेगा मोल,
क्या लगेगा मोल तेरा,
क्या लगेगा मोल,
तु राधे कृष्णा बोल,
तेंरा क्या लगेगा मोल।।



आ माया है जग ठगणी,

कोई मत समझो अपणी,
माया रो संगड़ो छोड,
तेंरा क्या लगेगा मोल,
क्या लगेगा मोल,
तेरा क्या लगेगा मोल,
तु राधे कृष्ण बोल,
तेरा क्या लगेगा मोल।।



सुखदेव मुनि फरमावे,

तेरा फेर जन्म नहीं आवे,
मत कर डामाडोल,
तेंरा क्या लगेगा मोल,
क्या लगेगा मोल,
तेरा क्या लगेगा मोल,
तु राधे कृष्ण बोल,
तेरा क्या लगेगा मोल।।



मन पवन री घोड़ी,

घोड़ी रे पोंच वसेरा,
पांचौड़ी बाग मरोड़,
तेरा क्या लगेगा मोल,
क्या लगेगा मोल,
मनवा क्या लगेगा मोल,
तु सबसे मीठा बोल,
तेरा क्या लगेगा मोल।।

प्रेषक – पुखराज पटेल बांटा
9784417723


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