मैं सेवक तेरे चरणों का मोल नहीं है मेरे कर्मो का

मैं सेवक तेरे चरणों का मोल नहीं है मेरे कर्मो का

मैं सेवक तेरे चरणों का,
मोल नहीं है मेरे कर्मो का,
मै सेवक तेरे चरणों का,
मै सेवक तेरे चरणों का।।



जब तेरी कृपा मिलती है,

तब मेरी सांसे चलती है,
मैं तो ऋणी तेरे जन्मों का,
मै सेवक तेरे चरणों का,
मै सेवक तेरे चरणों का।।



कच्ची मिट्टी के जैसा हूँ,

जैसा बनाओ मैं वैसा हूँ,
तेरा खिलौना हाथों का,
मै सेवक तेरे चरणों का,
मै सेवक तेरे चरणों का।।



दुनिया की कड़वी सच्चाई,

किसने जग में प्रीत निभाई,
क्या करना फिर अपनों का,
मै सेवक तेरे चरणों का,
मै सेवक तेरे चरणों का।।



जीवन की जब संध्या आए,

‘शर्मा’ सुमिरण करता जाए,
बाबा तेरे भजनों का,
मै सेवक तेरे चरणों का,
मै सेवक तेरे चरणों का।।



मैं सेवक तेरे चरणों का,

मोल नहीं है मेरे कर्मो का,
मै सेवक तेरे चरणों का,
मै सेवक तेरे चरणों का।।

गायक – विशाल सांवरिया।


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