ले कांधे पे कावड़ चल तू,
सावन आया है।
दोहा – अरे छाई घटा घनघोर है,
पवन मचाए शोर,
मौसम है कावड़ का ‘लख्खा’,
चल देवघर की ओर।
ले कांधे पे कावड़ चल तू,
सावन आया है,
कलश में भर गंगा जल तू,
सावन आया है,
शिव को मनाने चलो,
दर्शन पाने चलो,
बम बम गाते चलो,
भोले के दीवाने चलो,
अब के सावन खुशियों की,
बहार लाया है,
ले काँधे पे कावड़ चल तू,
सावन आया है,
कलश में भर गंगा जल तू,
सावन आया है।।
चल द्वार शिव के,
तेरी किस्मत सवर जाएगी,
जीवन की नैया,
पार भव से उतर जाएगी,
जिनके हौसलों में दम है,
सच उनके अरमान है,
उन्हें भला किसका डर है,
संग जिनके महाकाल है,
चिंता ना कर तू भोले साथ है तेरे,
तुमको उन्ही ने ही तो बुलाया है,
बना ले मन को निर्मल तू,
सावन आया है,
कलश में भर गंगा जल तू,
सावन आया है।bd।
बरखा की बूंदे आंख मूंदे,
गुनगुनाती है,
ठंडी हवाएं गीत जैसे,
कोई गाती है,
फिरी घटाए काली काली,
झोंका पवन का आया है,
चल तू ‘लख्खा’ शिव शंभू ने,
दर पे तुम्हें बुलाया है,
खोले खजाना भोलेनाथ बैठे हैं,
गया जो भी खाली नहीं आया है,
छटेंगे दुख के सब बादल,
सावन आया है,
कलश में भर गंगा जल तू,
सावन आया है।bd।
अरे है मस्त मौसम,
और मौका भी सुहाना है,
सावन से रिश्ता,
शिव भक्तों का पुराना है,
मिट जाते है उनके हर गम,
शिव की शरण जो जाते है,
हर हर बम बम बम बम हर हर,
जो भी ‘बेधड़क’ गाते है,
भोलेनाथ शिव को जो मनाता है,
‘लख्खा’ कभी भी वो दुख ना पाया है,
बीत ना जाए कहीं ये पल,
सावन आया है,
कलश में भर गंगा जल तू,
सावन आया है।bd।
ले काँधे पे कावड़ चल तू,
सावन आया है,
कलश में भर गंगा जल तू,
सावन आया है,
शिव को मनाने चलो,
दर्शन पाने चलो,
बम बम गाते चलो,
भोले के दीवाने चलो,
अब के सावन खुशियों की,
बहार लाया है,
ले काँधे पे कावड़ चल तू,
सावन आया है,
कलश में भर गंगा जल तू,
सावन आया है।।
Singer – Lakhbir Singh Ji Lakkha
Lyricist – Pappu Ji ‘Bedhadak’








