प्रथम पेज राजस्थानी भजन लाल पीली चुनरिया म्हारा माताजी ने सोवे सा

लाल पीली चुनरिया म्हारा माताजी ने सोवे सा

लाल पीली चुनरिया,
म्हारा माताजी ने सोवे सा,
पवन हिलोरा खाय,
पवन हिलोरा खाय म्हारा माताजी,
पवन हिलोरा खाय।।



माथा माई रखडी,

माताजी ने सोवे सा,
पवन हिलोरा खाय,
पवन हिलोरा खाय म्हारा माताजी,
पवन हिलोरा खाय।।



हाथा माई बाजुबंद,

माताजी ने सोव सा,
पवन हिलोरा खाय,
पवन हिलोरा खाय म्हारा माताजी,
पवन हिलोरा खाय।।



नाका माई नथली,

म्हारा माताजी ने सोव सा,
पवन हिलोरा खाय,
पवन हिलोरा खाय म्हारा माताजी,
पवन हिलोरा खाय।।



पगलिया माई पायल,

म्हारा माताजी ने सोव सा,
पवन हिलोरा खाय,
पवन हिलोरा खाय म्हारा माताजी,
पवन हिलोरा खाय।।



लाल पीली चुन्दडीया,

ओ भाकर बिराई गावे सा,
चरणों मे शीश नमावे,
चरणा मे शीश नमावे म्हारा माताजी,
चरणों में शीश नमाई।।



लाल पीली चुनरिया,

म्हारा माताजी ने सोवे सा,
पवन हिलोरा खाय,
पवन हिलोरा खाय म्हारा माताजी,
पवन हिलोरा खाय।।

– गायक एवं प्रेषक –
भाकर बिराई।
मो.9166293033


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