जो तू मिटाना चाहे जीवन की तृष्णा अनूप जलोटा भजन लिरिक्स

जो तू मिटाना चाहे,
जीवन की तृष्णा,
जो तू मिटाना चाहे,
जीवन की तृष्णा,
सुबह शाम बोल बन्दे,
कृष्णा कृष्णा कृष्णा,
सुबह शाम बोल बन्दे,
कृष्णा कृष्णा कृष्णा।।



कृष्ण नाम पावन पावन,

कृष्ण नाम प्यारा प्यारा,
जो ना बोले कृष्णा कृष्णा,
जग से वो हारा हारा,
मन का मिटे अँधियारा,
बोल कृष्णा कृष्णा,
सुबह शाम बोल बन्दे,
कृष्णा कृष्णा कृष्णा,
सुबह शाम बोल बन्दे,
कृष्णा कृष्णा कृष्णा।।



जिसको मिली ना पीड़ा,

सुख का मरम क्या जाने,
जो ना ध्याये कृष्णा कृष्णा,
नित का धरम क्या माने,
चाहे अगर उजियाला,
बोल कृष्णा कृष्णा,
सुबह शाम बोल बन्दे,
कृष्णा कृष्णा कृष्णा,
सुबह शाम बोल बन्दे,
कृष्णा कृष्णा कृष्णा।।



छोड़ दे भटकना दर दर,

तोड़ दे अहम का घेरा,
भूल जा जगत के वैभव,
जग है दुखो का डेरा,
फिरे काहे मारा मारा,
बोल कृष्णा कृष्णा,
सुबह शाम बोल बन्दे,
कृष्णा कृष्णा कृष्णा,
सुबह शाम बोल बन्दे,
कृष्णा कृष्णा कृष्णा।।



जो तू मिटाना चाहे,

जीवन की तृष्णा,
जो तू मिटाना चाहे,
जीवन की तृष्णा,
सुबह शाम बोल बन्दे,
कृष्णा कृष्णा कृष्णा,
सुबह शाम बोल बन्दे,
कृष्णा कृष्णा कृष्णा।।


आपको ये भजन कैसा लगा ? अपने विचार बताएं

अपनी टिप्पणी लिखें
अपना नाम दर्ज करें