जब से मेरी श्याम से,
नजरें मिली है,
कुछ ना समझ में आए,
मैं क्या करूं,
फिर उनसे मिलने की,
चाहत की है,
दिल ही नहीं भरता है,
मैं क्या करूं।bd।
तर्ज – पहली पहली बार मोहब्बत।
मैं जब भी श्री राधा गाऊं,
तुम दौड़े आते हो,
और समझ कुछ आए नहीं,
एक तुम ही तुम भाते हो,
सबकी अपनी दुनिया है,
मेरी दुनिया तुम कान्हा,
इस दुनिया में राधा संग,
मेरे मोहन बस जाना,
दिल ने मेरे ऐसी,
हलचल की है,
कुछ ना समझ में आए,
मैं क्या करूं।bd।
हम जब भी तेरे दर्शन को,
वृंदावन में आते,
सारे दुख और दर्द हमारे,
पल में सब मिट जाते,
ओ मोहन तेरी सूरत ने,
दीवाना कर डाला,
तेरे बिन कहीं चैन ना आए,
ऐसा जादू कर डाला,
दिल ने मेरे ऐसी,
हलचल की है,
कुछ ना समझ में आए,
मैं क्या करूं।bd।
जब से मेरी श्याम से,
नजरें मिली है,
कुछ ना समझ में आए,
मैं क्या करूं,
फिर उनसे मिलने की,
चाहत की है,
दिल ही नहीं भरता है,
मैं क्या करूं।bd।
Singer – Nikhil Verma








