हरदम बनाए रखना अपनी कृपा का साया भजन लिरिक्स

हरदम बनाए रखना,
अपनी कृपा का साया,
मर सा गया था मैं तो,
मर सा गया था मैं तो,
तेरे प्यार ने जिलाया,
हरदम बनाये रखना,
अपनी कृपा का साया।।

तर्ज – मैं हूँ शरण में तेरी।



तेरा अहसान है बाबा,

ये दिल कुर्बान है बाबा,
हम तो नादान है बाबा,
नहीं कुछ ज्ञान है बाबा,
जो कुछ भी मैंने पाया,
जो कुछ भी मैंने पाया,
दरबार से ही पाया,
हरदम बनाये रखना,
अपनी कृपा का साया।।



मेरी ये जिन्दगी बाबा,

बस तेरी ही अमानत है,
अमानत में खयानत है,
फिर भी तेरी हिफाजत है,
जितना निभा सका मै,
जितना निभा सका मै,
उतना ही है निभाया,
हरदम बनाये रखना,
अपनी कृपा का साया।।



तेरा मेरा जो नाता है,

जमाना क्या समझ पाए,
जमाना दर्द देता है,
तू मेरा वेद बन जाए,
मुरझा गया था मैं तो,
मुरझा गया था मैं तो,
तूने सींच के खिलाया,
हरदम बनाये रखना,
अपनी कृपा का साया।।



कृपा एक पल भी ना रूठे,

प्रेम की डोर ना टूटे,
जगत जंजाल सब झूठे,
तेरा दरबार ना छुटे,
‘संजू’ तेरी कृपा से,
‘संजू’ तेरी कृपा से,
गुणगान तेरा गाया,
Bhajan Diary,
हरदम बनाये रखना,
अपनी कृपा का साया।।



हरदम बनाए रखना,

अपनी कृपा का साया,
मर सा गया था मैं तो,
मर सा गया था मैं तो,
तेरे प्यार ने जिलाया,
हरदम बनाये रखना,
अपनी कृपा का साया।।

गायक – संजू जी शर्मा।