प्रथम पेज प्रकाश माली भजन हंसलो री जोड़ी जग में बिछडी भजन लिरिक्स

हंसलो री जोड़ी जग में बिछडी भजन लिरिक्स

हंसलो री जोड़ी जग में बिछडी,

दोहा – पिगी पानी तलाब री,
जटे हंसलो बैठो आय,
रित पुरानी कारणे,
वो चुग चुग कंकर खाय।

हंसलो री जोड़ी जग में बिछडी,
बिछडीयो रा बूरा रे हवाल रे,
हंसला री जोडी जग में बिछडी,
बिछडीयो रा बूरा रे हवाल रे,
हंसलो री जोडी जग में बिछडी।।



कर्मो री कडी विराखा उजली,

लोहा जडीया अपारा रे,
कर्मो री कडी विराखा उजली,
लोहा जडीया अपारा रे,
हंसला री जोडी जग में बिछडी,
बिछडीयो रा बूरा रे हवाल रे,
हंसलो री जोडी जग में बिछडी।।



दुखडा री मारी दाता वन में सिदाई,

वन में लागी रे लाई रे,
दुखडा री मारी दाता वन में सिदाई,
वन में लागी रे लाई रे,
हंसला री जोडी जग में बिछडी,
बिछडीयो रा बूरा रे हवाल रे,
हंसलो री जोडी जग में बिछडी।।



उडजा रे पंछी प्यारा प्रेम सु,

उडने परलोक जाय रे,
मारा गुरूजी रे देश रो,
एक संदेशों तू लाय रे,
मारा गुरूजी रे देश रो,
एक संदेशों तू लाय रे,
हंसला री जोडी जग में बिछडी,
बिछडीयो रा बूरा रे हवाल रे,
हंसलो री जोडी जग में बिछडी।।



मारे सतगुरु जी रे पीपली,

ज्यारी गेरी गेरी छाया रे,
उन रे छाया मे बीरा बैठनो,
गुरूजी ग्यान बताय रे,
गेरी छाया मे बीरा बैठनो,
गुरूजी ग्यान बताय रे,
हंसला री जोडी जग में बिछडी,
बिछडीयो रा बूरा रे हवाल रे,
हंसलो री जोडी जग में बिछडी।।



शेख परिन्दा वाली विनती,

गुरू चरनो रे माई रे,
डूंगरपुरी गुरू भेटीया मिलगी,
दूरमती भागी रे,
शेख परिन्दा वाली विनती,
गुरू चरनो रे माई रे,
डूंगरपुरी गुरू भेटीया मिलगी,
दूरमती भागी रे,
हंसला री जोडी जग में बिछडी,
बिछडीयो रा बूरा रे हवाल रे,
हंसलो री जोडी जग में बिछडी।।



हंसलो री जोड़ी जग में बिछडी,

बिछडीयो रा बूरा रे हवाल रे,
हंसला री जोडी जग में बिछडी,
बिछडीयो रा बूरा रे हवाल रे,
हंसलो री जोडी जग में बिछडी।।

गायक – प्रकाश माली जी।
प्रेषक – मनीष सीरवी
9640557818


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