प्रथम पेज प्रकाश माली भजन आज मारे कानुड़ा रे काई होयो भजन लिरिक्स

आज मारे कानुड़ा रे काई होयो भजन लिरिक्स

आज मारे कानुड़ा रे काई होयो,
किनरी निजरा लागी रे,
किनरी निजरा लागी रे,
आज मारे कानुडा रे काई होयो।।



अरे लून करावु इन मिरचा करावु,

लून करावु इन मिरचा करावु,
झटपट निजरा उतारू रे,
झटपट निजरा उतारू रे,
आज मारे कानुडा रे काई होयो।।



कानुडा ने ले मै तो बागा मे गई,

कानुडा ने ले मै तो बागा मे गई,
अरे माली जी री निजरा लागी रे,
माली जी री निजरा लागी रे,
आज मारे कानुडा रे काई होयो,
अरे लून करावु इन मिरचा करावु,
झटपट निजरा उतारू रे,
आज मारे कानुडा रे काई होयो,
अरे झाडाघर बुलवावु रे,
आज मारे कानुडा रे काई होयो।।



कानुडा ने ले मै तो जोशी रे गई,

कानुडा ने ले मै तो जोशी रे गई,
इन ने जोशी जी री निजरा लागी रे,
जोशी जी री निजरा लागी रे,
आज मारे कानुडा रे काई होयो,
अरे लून करावु इन मिरचा करावु,
इन झटपट निजरा उतारू रे,
आज मारे कानुडा रे काई होयो।।



कानुडा ने ले मै तो पनघट गई रे,

कानुडा ने ले मै तो पनघट गई,
पिनहारीया री निजरा लागी रे,
पिनहारीया री निजरा लागी रे,
आज मारे कानुडा रे काई होयो,
अरे लून करावु इन मिरचा करावु,
झटपट निजरा उतारू रे,
अरे झाडाघर बुलवावु रे,
आज मारे कानुडा रे काई होयो।।



कानुडा ने ले मै तो पनघट गई,

कानुडा ने ले मै तो पनघट गई,
चौरासीया री निजरा लागी रे,
चौरासीया री निजरा लागी रे,
आज मारे कानुडा रे काई होयो,
अरे लून करावु इन मिरचा करावु,
झटपट निजरा उतारू रे,
अरे झाडाघर बुलवावु रे,
आज मारे कानुडा रे काई होयो।।



चन्द्र सखी री अरज विनती,

चन्द्र सखी री अरज विनती,
माने भवजल पार उतारो रे,
भवजल पार उतारो रे,
आज मारे कानुडा रे काई होयो,
अरे लून करावु इन मिरचा करावु,
झटपट निजरा उतारू रे,
झाडाघर बुलवावु रे,
आज मारे कानुडा रे काई होयो।।



आज मारे कानुड़ा रे काई होयो,

किनरी निजरा लागी रे,
किनरी निजरा लागी रे,
आज मारे कानुडा रे काई होयो।।

गायक – प्रकाश माली जी।
प्रेषक – मनीष सीरवी
9640557818


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