घनश्याम तेरो कारो री कैसे ब्याहूं राधे भजन लिरिक्स

कन्हैया तेरो कारो री,
कैसे ब्याहूं राधे,
घनश्याम तेरो कारो री,
कैसे ब्याहूं राधे।।



तेरो कन्हैया ऐसो कारो,

जैसे निश अंधियारो,
मेरी राधे ऐसी गोरी,
नवलख तारा बिच,
चन्द्र को उजारो री,
कैसे ब्याहूं राधे,
कन्हैया तेरो कारो री,
कैसे ब्याहूं राधे।।



आप कारे संग वारे कारे,

ओढ़े कांवल कारो,
लूट लूट दही माखन खावे,
कैसे कर होगो मेरी,
राधे को गुजारो री,
कैसे ब्याहूं राधे,
कन्हैया तेरो कारो री,
कैसे ब्याहूं राधे।।



कारो कारो मत कर ग्वालिन,

कारो जग उजियारो,
नाग नाथ रेती बिच डारो,
मारी फूफकार ते,
बदन भयो कारो री,
कैसे ब्याहूं राधे,
कन्हैया तेरो कारो री,
कैसे ब्याहूं राधे।।



चन्द्रसखी भज बाल की शोभा,

सब सखीयन को प्यारो,
या कारे काना के ऊपर,
तेरी जैसी गोरी राधे,
लख लख वारुं रे,
कैसे ब्याहूं राधे,
कन्हैया तेरो कारो री,
कैसे ब्याहूं राधे।।



कन्हैया तेरो कारो री,

कैसे ब्याहूं राधे,
घनश्याम तेरो कारो री,
कैसे ब्याहूं राधे।।

गायक – चन्दन भारती जी।


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