फूलों से मथुरा सजाई कन्हैया तोहे देखने को आई लिरिक्स

फूलों से मथुरा सजाई,
कन्हैया तोहे देखने को आई,
देखने को आई तुझे,
देखने को आई,
फुलो से मथुरा सजाई,
कन्हैया तोहे देखने को आई।।



जब कान्हा का जनम हुआ था,

सो गया कंस कसाई,
कन्हैया तोहे देखने को आई,
फुलो से मथुरा सजाई,
कन्हैया तोहे देखने को आई।।



जब कान्हा जेलों से निकला,

घोर घटा लहराई,
कन्हैया तोहे देखने को आई,
फुलो से मथुरा सजाई,
कन्हैया तोहे देखने को आई।।



जब कान्हा यमुनातट पे पहुंचा,

लेती यमुना निहारी,
कन्हैया तोहे देखने को आई,
फुलो से मथुरा सजाई,
कन्हैया तोहे देखने को आई।।



जब कान्हा गोकुल में पहुंचा,

घर घर बटी है बधाई,
कन्हैया तोहे देखने को आई,
फुलो से मथुरा सजाई,
कन्हैया तोहे देखने को आई।।



जब देवकी के लड़की बताई,

डर गया कंस कसाई,
कन्हैया तोहे देखने को आई,
फुलो से मथुरा सजाई,
कन्हैया तोहे देखने को आई।।



जब लड़की पत्थर पे पटकी,

अम्बर जाकर जाई,
कन्हैया तोहे देखने को आई,
फुलो से मथुरा सजाई,
कन्हैया तोहे देखने को आई।।



मुझे क्यों मारे कंस कसाई,

गोकुल में कृष्ण कन्हाई,
कन्हैया तोहे देखने को आई,
फुलो से मथुरा सजाई,
कन्हैया तोहे देखने को आई।।



जब कान्हा का डला पालना,

घर घर बटी है मिठाई,
कन्हैया तोहे देखने को आई,
फुलो से मथुरा सजाई,
कन्हैया तोहे देखने को आई।।



फूलों से मथुरा सजाई,

कन्हैया तोहे देखने को आई,
देखने को आई तुझे,
देखने को आई,
फुलो से मथुरा सजाई,
कन्हैया तोहे देखने को आई।।


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