दुनिया के दुःख हरने वाले भगवान को भी दुःख आन पड़ा

दुनिया के दुःख हरने वाले भगवान को भी दुःख आन पड़ा
कृष्ण भजन

दुनिया के दुःख हरने वाले,
भगवान को भी दुःख आन पड़ा,
जग को रोशन करने वाले,
को काली रात में आना पड़ा।।



जब जेल के ताले टूट गए,

माँ बाप के बंधन छूट गए,
जब जन्म लिया बंदीगृह में,
तो तुरत ही गोकुल जाना पड़ा,
दुनियाँ के दुःख हरने वाले,
भगवान को भी दुःख आन पड़ा।।



ये चौदह लोक के स्वामी है,

घट घट के अंतर्यामी है,
सुन्दर महलो को छोड़ सभी,
इन्हे जनम जेल में लेना पड़ा,
दुनियाँ के दुःख हरने वाले,
भगवान को भी दुःख आन पड़ा।।



ये अजय अभय और अविनाशी,

मथुरा और वृन्दावन वासी,
गोकुल वासी की रक्षा में,
गोवर्धन को भी उठाना पड़ा,
दुनियाँ के दुःख हरने वाले,
भगवान को भी दुःख आन पड़ा।।



ये जगत गुरु और ज्ञानेश्वर,

भगवत गीता के योगेश्वर,
अर्जुन को गीता ज्ञान दिया,
अपनो से भी युद्ध करना पड़ा,
दुनियाँ के दुःख हरने वाले,
भगवान को भी दुःख आन पड़ा।।



सारी दुनिया के दाता है,

और स्वर्ग नर्क के राजा है,
राजा होकर भी धरती पर,
अवतार ले इनको आना पड़ा,
दुनियाँ के दुःख हरने वाले,
भगवान को भी दुःख आन पड़ा।।



दुनिया के दुःख हरने वाले,

भगवान को भी दुःख आन पड़ा,
जग को रोशन करने वाले,
को काली रात में आना पड़ा।।


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