देवों के देव है ये महादेव कहलाते है भजन लिरिक्स

सबको अमृत बांटे,
खुद विष पि जाते है,
देवों के देव है ये,
महादेव कहलाते है।।

तर्ज – जो राम को लाए है।



ये औघड़ दानी है,

संग मात भवानी है,
दुनिया दीवानी है,
ये डमरू बजाते है,
देवो के देव है ये,
महादेव कहलाते है।।



माथे पर है चंदा,

और जटा में है गंगा,
कटे चौरासी फंदा,
जो इनका ध्यान लगाते है,
देवो के देव है ये,
महादेव कहलाते है।।



गले सर्पो की माला,

तन पे है मृगछाला,
पि के भंग का प्याला,
ये भस्म रमाते है,
देवो के देव है ये,
महादेव कहलाते है।।



शिव शंकर भोलेनाथ,

रख दो मेरे सिर पे हाथ,
दे दो ‘वशिष्ठ’ का साथ,
हम तुम्हे मनाते है,
देवो के देव है ये,
महादेव कहलाते है।।



सबको अमृत बांटे,

खुद विष पि जाते है,
देवों के देव है ये,
महादेव कहलाते है।।

Singer – Ram Kumar Lakha


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