हरी थारा नाम हजार कैसे लिखू कंकु पत्री भजन लिरिक्स
हरी थारा नाम हजार, सांवरिया रा नाम हजार, बनवारी थारा नाम हजार, मैं कैसे लिखू कंकु पत्री।। कोई केवे यशोदा...
Read moreDetailsहरी थारा नाम हजार, सांवरिया रा नाम हजार, बनवारी थारा नाम हजार, मैं कैसे लिखू कंकु पत्री।। कोई केवे यशोदा...
Read moreDetailsकन्हैया पार लगादे मेरी नैया, पार लगादे मेरी नैया, गईया घेरे खड़े कसाई, तुम बिन कौन बचईया, बिच सभा में...
Read moreDetailsमन फूला फूला फिरे, जगत में कैसा नाता रे।। माता कहे यह पुत्र हमारा, बहन कहे बीर मेरा, भाई कहे...
Read moreDetailsऐ नर ज़रा बता दे, कौतुक ये क्या किया है, तूने जगत में आकर, सतगुरु भुला दिया है।। तर्ज -...
Read moreDetailsगफलत की निदिया को तोड़के, भजले रे प्राणी, भजले रे हरि नाम, तू शरण प्रभू की आ जगत के, छोड़...
Read moreDetailsदीवाने पी ले रे हरी नाम, थारी कोड़ी लगे न च दाम रे, थारी उमर बीती जाए रे, दीवाने पी...
Read moreDetailsतुम मुझे यूँ जला ना पाओगे, जली लंका मेरी जला मैं भी, एक दिन तुम भी जलाये जाओगे, तुम मुझे...
Read moreDetailsना जग का त्याग करो, और न घर के काम तजो, सभी के साथ में, सुमिरन प्रभू का करते रहो।।...
Read moreDetailsये भगवा रंग, रंग रंग, जिसे देख जमाना हो गया दंग, जिसे ओढ़ के नाचे रे बजरंग, मुझे चढ़ गया...
Read moreDetailsदास रघुनाथ का, नंद सुत का सखा, कुछ ईधर भी रहा, कुछ ऊधर भी रहा, सुख मिला श्री अवध, और...
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