घनश्याम कहे या राम कहे
घनश्याम कहे या राम कहे, तुम रूप अनूप दिखाते हो, कब धनुष बाण धर आते हो, कब मुरली मधुर बजाते हो।।...
Read moreDetailsघनश्याम कहे या राम कहे, तुम रूप अनूप दिखाते हो, कब धनुष बाण धर आते हो, कब मुरली मधुर बजाते हो।।...
Read moreDetailsकैसा बदल रहा है, संसार देखिए, है झूठ से भरा हुआ, है झूठ से भरा हुआ, अखबार देखिए।। देखा उन्हें...
Read moreDetailsकाये जावे कोनऊ के द्वार में, तुमसे बड़ो को है संसार मे।। हमने सुनी मिलत बिन मांगे, तो काय फिरे...
Read moreDetailsबीरो सा आया भरण ने मायरो, मायरो मायरो, ओ सुनकर म्हारे मन की, करुण पुकार बीरो सा, आया भरण ने...
Read moreDetailsअमरकंठ से मैया, बनके धारा चली, भोलेनाथ की लली, जगत को तारने चली।bd। अमरकंट से चली भवानी, धोलागढ़ में आई,...
Read moreDetailsमत बहे मोह की धारा रे हंसा, मत बहें मोह की धारा, झूठो है संसारा रे हंसा, मत बहें मोह...
Read moreDetailsनाम प्रभु का जप ले बन्दे, कलयुग नाम अधारा, प्यारे नाम ही तारनहारा, प्यारे नाम ही तारनहारा।। तर्ज - मेरे...
Read moreDetailsहाथ जोड़ कर आप सभी से, करते है फरियाद, बिल्कुल भी झूठा ना छोड़ना, ये है महाप्रसाद, लो उतना ही...
Read moreDetailsबिना जानकी के राम, अयोध्या ना आए। दोहा - समझ निशा में जान निशाचर, भरत जी ने छोड़ा तीर, राम...
Read moreDetailsखोजते खोजते एक सहारा, तेरे बंदों का पाकर इशारा, आके दर पे खड़ा हो गया हूं, की मिलेगा यहां पर...
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