काया कुटिया निराली जमाने भर से भजन लिरिक्स
काया कुटिया निराली, जमाने भर से, दस दरवाजे वाली, जमाने भर से।। सबसे सुन्दर आँख की खिड़की, जिसमें पुतली काली,...
Read moreDetailsकाया कुटिया निराली, जमाने भर से, दस दरवाजे वाली, जमाने भर से।। सबसे सुन्दर आँख की खिड़की, जिसमें पुतली काली,...
Read moreDetailsखबर नहीं है पल की, दोहा - मरना मरना सब कोई कहे, मरना ना जाने कोई, एक बार ऐसे मरो,...
Read moreDetailsमुझे माँ से गिला, मिला ये ही सिला, बेटियां क्यों पराई हैं, मुझे मां से गिला।। खेली कूदी मैं जिस...
Read moreDetailsमनवा खेती करो हरि नाम की, पैसा ना लागे रुपया ना लागे, ना लागे कँवड़ी दमड़ी, बोलो राम राम राम,...
Read moreDetailsचिट्ठी ना कोई संदेश, जाने वो कौन सा देश, जहाँ तुम चले गए, जहाँ तुम चले गए, इस दिल पे...
Read moreDetailsसंदेसा आ गया यम का, चलन की कर तैयारी है।। बाल सिर के हुए धोले, सफेदी आँख पर छाई, कान...
Read moreDetailsचली जा रही है उमर धीरे धीरे, पल पल यूँ आठों पहर धीरे धीरे, चली जा रही हैं उमर धीरे...
Read moreDetailsउठ जाग ऐ रूह मेरी, तुझे तेरे पियूँ ने जगाया है।। बहुत गमाए दिनड़े तूने, गल गल के गफलत में,...
Read moreDetailsकोई पीवे संत सुजान, नाम रस मीठा रे।। राजवंश की रानी पी गयी, एक बूँद इस रस का, आधी रात...
Read moreDetailsअंग अंग में गौ माता के, सब देवों का धाम है, गौ माता के श्री चरणों में, बारम्बार प्रणाम है।।...
Read moreDetails© 2016-2026 Bhajan Diary