जी करता है दर पे आँंऊ शिव शंकर त्रिपुरारी भजन लिरिक्स
जी करता है दर पे आँंऊ, शिव शंकर त्रिपुरारी, तेरी भक्ति में खो जाँऊ, मेरे भोले भंडारी।। तर्ज - झूठ...
Read moreDetailsजी करता है दर पे आँंऊ, शिव शंकर त्रिपुरारी, तेरी भक्ति में खो जाँऊ, मेरे भोले भंडारी।। तर्ज - झूठ...
Read moreDetailsमेरे नाथ केदारा, तेरे नाम का सहारा, तेरे नाम की है जोली, तेरे नाम का गुजारा, रुठा अच्छा नहीं लागे...
Read moreDetailsबोल बम बोल बम बोले जा, किस्मत अपनी खोले जा, ले कावड़ अपने हाथ में, चल दर पे भोलेनाथ के,...
Read moreDetailsसोहे हैं गंग की धार, सर्पो का गले में हार, तेरा अद्भुत है सिंगार, शिव तुम कितने सुंदर हो, तुम...
Read moreDetailsमेरे भोले बाबा जटाधारी शम्भू, हे नीलकंठ त्रिपुरारी हे शम्भू।। तर्ज - कभी शाम ढले तू। नंदी की सवारी है,...
Read moreDetailsसेवक लाए है भंगिया, भोले बाबा छान के, भर भर के लोटा पि ले, मस्ती में तान के, भर भर...
Read moreDetailsभोले बाबा का वंदन, आसान होता है, इन्हें जल चढाने से, इन्हें जल चढाने से, कल्याण होता है, भोलें बाबा...
Read moreDetailsक्यों भूल गए भोलेनाथ, क्या भूल हुई है नाथ, मुझे क्यों भुला दिया, प्रभु देख मेरे हालात, ना छोड़ना मेरा...
Read moreDetailsभोले बाबा को समर्पित, भाव अपने कीजिए, भक्ति शक्ति मुक्ति का, वरदान इनसे लीजिए। भोलें बाबा को समर्पित, भाव अपने...
Read moreDetailsतेरे श्री चरणों से, ओ नाता जोड़ लेंगे हम, तेरे स्वागत में दरवाजा, ये दिल का खोल देंगे हम, तेरे...
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