धारा नगर वाले चौवटे राजा हरिचन्द्र मांडी हाट राजस्थानी भजन
धारा नगर वाले चौवटे, राजा हरिचन्द्र मांडी हाट हाटो वाला। श्लोक:- सतरी सौरभ छाएगी, तीन लोक रे माये, पारख हरिचन्द्र...
Read moreDetailsधारा नगर वाले चौवटे, राजा हरिचन्द्र मांडी हाट हाटो वाला। श्लोक:- सतरी सौरभ छाएगी, तीन लोक रे माये, पारख हरिचन्द्र...
Read moreDetailsगुरुसा मारो अबकोडो जन्म सुधारो, श्लोक:- सतगुरु दीवो नाम रो, तो क्या जाने संसार । घिरत सिचावो प्रेम रो, वीरा...
Read moreDetailsखेतेश्वर को जपले प्राणी, मैं समझावु घडी घडी।। श्लोक - खेतेश्वर थाने विनती, दिन में सौ-सौ बार, बालक जान दया...
Read moreDetailsनर रे नारण री देह बनाई, नुगरा कोई मत रेवना । श्लोक - नुगरा मनक तो मिलो मति, पापी मिलो...
Read moreDetailsआधु आधु पंथ निवन पथ मोटो, साधु संगत वाली करिया, विना भजन कुन तिरिया।। श्लोक - नीवन बड़ी संसार में,...
Read moreDetailsभरदे मायरो साँवरिया, नानी बाई लागे, नानी बाई लागे, सारी दुनिया ने बता दे, मेरो भाई लागे।। बाबुल म्हारो भोलो...
Read moreDetailsझोली भर दे या म्हारी झोली भर दे, ओ म्हारा श्याम धणी दातार, म्हारी झोली भर दे।। तर्ज - एक...
Read moreDetailsबाला सा थाने कोण सजाया जी, म्हारे मनड़ो हर लीनो, थारी सूरत मतवारी।। श्लोक - उत्सव आप को आ गयो,...
Read moreDetailsमैं थाने सिवरू गजानन देवा, वचनों रा पालनहारा जी ओ।। श्लोक - सुंडाला दुःख भंजना, सदा जो वालक वेश, सारों...
Read moreDetailsवारि ओ गुरुदेव आपने बलिहारी, भवजल डूबत तारियो रे, म्हारा सतगुरु लियो रे उबारी, आप नी वेता जगत में तो,...
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