सिमरु प्रथम नित तुमको गणेशा राजस्थानी गणेश वंदना
सिमरु प्रथम नित तुमको गणेशा, सिमरु प्रथम नित तुमको गुणेशा, दुर करो मम सकल कलेशा, सिमरु प्रथम नित तुमको गुणेशा।।...
Read moreDetailsसिमरु प्रथम नित तुमको गणेशा, सिमरु प्रथम नित तुमको गुणेशा, दुर करो मम सकल कलेशा, सिमरु प्रथम नित तुमको गुणेशा।।...
Read moreDetailsमाताजी ने ध्यावना, मैया रा गुण गावणा, कंकु रा तिलक लगावणा जी, अन धन रा भंडार भरेला, भैरूजी ने साथ...
Read moreDetailsदेखी जो सुरत आपकी, मोने दुजो नी आवे दाय रे, देखी जो सूरत आपकी, माने दुजो नी आयो दाय रे।।...
Read moreDetailsगुरुजी माने अमर वणाया रे, सुता था भर निंद में, गुरु आप जगाया रे, आप जगाया रे गुरुजी, माने शब्द...
Read moreDetailsजब जब भीड़ पड़े भक्तो पर, आप लेवे अवतार, साँवरिया री महिमा, ऐसी अगम अपार।। जिस मालिक ने सृष्टि रचाई,...
Read moreDetailsॐ गोऊ मंगलम् गऊ मात मंगलम्, सुर मुनि ऋषि जपे जाप मंगलम्, पावन जाप मंगलम्।। कोटी कोटि देव गऊ अंग...
Read moreDetailsमारग में रामदेव मिल गया, दोहा - रामा श्यामा आवजो, कलजुग भयो करूर, मैं अरज करूँ अजमाल रा, हे म्हारो...
Read moreDetailsकेड़ा है नुगरो रा रे सेलान, दोहा - नुगरा नर तो माति मिलो, और पापी मिलो हजार, संत मिला के...
Read moreDetailsजावा दो सहेलियां म्हाने, शिवजी लडेला ये। श्लोक - लाल नैत्र गोरे बदन, और भस्मी लगावे अंग, शिवजी तेरी जटा...
Read moreDetailsगुरूजी बंद पड़ी, दिवला वाली रे ज्योत, दोहा - संत बुलाया आंगने, और गुरु उगमजी महाराज, बाई रूपादे वायक भेजिया,...
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